पटना में KYP केंद्र संचालकों की भूख हड़ताल का 11वां दिन, पुराने कोर्स को फिर शुरू करने की उठी मांग; बिगड़ रही आंदोलनकारियों की तबीयत

पटना में KYP केंद्र संचालकों की भूख हड़ताल का 11वां दिन, आंदोलनकारियों की बिगड़ रही तबीयत
पटना, बिहार: बिहार में पुराने कुशल युवा कार्यक्रम (KYP – Kushal Yuva Program) को दोबारा शुरू करने और बंद पड़े KYP केंद्रों के संचालन की मांग को लेकर केंद्र संचालकों का आंदोलन लगातार जारी है। पटना में एक महिला और चार पुरुष KYP केंद्र संचालक पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों की लगातार बिगड़ती सेहत ने मामले को गंभीर बना दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने के कारण कुछ आंदोलनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इसके बावजूद आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
9 महीने से बंद KYP केंद्रों को लेकर नाराजगी
आंदोलन कर रहे केंद्र संचालकों का आरोप है कि बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के फैसले के बाद पिछले लगभग 9 महीनों से KYP केंद्रों का संचालन बंद है। उनका कहना है कि केंद्रों के बंद रहने से न केवल केंद्र संचालकों, बल्कि प्रशिक्षकों, कर्मचारियों और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े अन्य लोगों के सामने भी आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
केंद्र संचालकों का मानना है कि कुशल युवा कार्यक्रम बिहार के युवाओं को कंप्यूटर, संचार कौशल और रोजगार से जुड़ी बुनियादी दक्षताएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में पुराने KYP कोर्स और केंद्रों का संचालन दोबारा शुरू किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद
आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से विभागीय निर्णय के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं और अब अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए भूख हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर हुए हैं।
हमारी मांग है कि पुराने KYP कार्यक्रम और बंद पड़े केंद्रों के संचालन पर सरकार गंभीरता से विचार करे तथा केंद्र संचालकों की समस्याओं का उचित समाधान निकाले।
अब सरकार के फैसले का इंतजार
11 दिनों से जारी भूख हड़ताल और आंदोलनकारियों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच अब सभी की निगाहें बिहार सरकार और बिहार कौशल विकास मिशन पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार करेगी? क्या पुराने KYP कोर्स और केंद्रों के संचालन को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा?
फिलहाल आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से उचित पहल और न्याय मिलने की उम्मीद है। इस मामले में विभाग या सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
स्थान: पटना, बिहार
नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी और आंदोलनकारियों के दावों पर आधारित है। संबंधित विभाग या सरकार का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।
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